ग्वालियर 4 जून 2023. भारतवर्ष साधु-संतों की भूमि है। मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा संचालित संस्कृति परिषद् की इकाई पंजाबी साहित्य अकादमी द्वारा आज भगत संत कबीर जयंती के अवसर पर उनके *जीवनदर्शन* पर केंद्रित कार्यक्रम ग्वालियर के गुरु नानक गुरुद्वारा, मुरार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाबी साहित्य अकादमी संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश की निदेशक नीरू सिंह ज्ञानी ने कहा कि संत कबीर ने जहां सामाजिक और धार्मिक रूप से विभाजित समाज को एक बड़े मानवीय समाज में बदलने का महत्वपूर्ण कार्य किया, वहीं मानव जाति को पाखंड और अंधविश्वास से दूर कर मुक्ति का मार्ग भी दिखाया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु साहिबों के अलावा भगतों, भट्टों और कुछ गुरसिखों को भी शामिल किया है। इन्हीं भक्तों में संत कबीर जी को श्री गुरु अर्जन देव जी ने शिरोमणि स्थान दिया है। दूसरे शब्दों में भगत-बाणी के अंतर्गत सबसे पहले उनका श्लोक दिया गया है। इस अवसर पर ग्रंथी भाई जसबीर सिंह जी द्वारा संत कबीर जी के जीवन पर विचार रखे । संत कबीर जी का मानना है कि...